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Monday, January 23, 2012

वीडियो अलबम - समर्पण



वीडियो अलबम - समर्पण

श्री बेगसरबालाजी स्वर्ण जयंति के मौके पर विरासत:दी हेरिटेज की ओर से श्रीबेगसर बालाजी को समर्पित वीडियो अलबम समर्पण प्रस्तुत किया है।
‘समर्पण’ में श्री बेगसर बालाजी को समर्पित भजन शामिल किए है। अलबम आप ऑनलाइन देख-सुन सकते है। जिसके लिए नीचे लिंक दिए गए है।

1. समर्पण टाइटल

Friday, January 6, 2012

भक्ति के बिना मानव जीवन अधूरा
श्रीबेगसरबालाजी मन्दिर के स्वर्णजयंति महोत्सव के चौथे दिन शुक्रवार को प्रवचन करते संत निवृत्तिनाथ महाराज।
बेगसरबालाजी मन्दिर का स्वर्णजयंति महोत्सव
रूद्री पाठ के साथ किया आशुतोष का अभिषेक
श्रीबेगसरबालाजी मन्दिर के स्वर्णजयंति महोत्सव के चौथे दिन मौजूद श्रद्धालु।
श्रीबेगसरबालाजी मन्दिर के स्वर्णजयंति महोत्सव के चौथे दिन मौजूद श्रद्धालु।
संत निवृत्तिनाथ महाराज ने कहा कि मनुष्य में जब तक भक्ति का उद्गम नहीं होता, मानव जीवन के लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो सकती। सत्कर्मों के प्रताप एवं संतों के सानिध्य से सहज ही भक्ति का मार्ग मिल जाता है। वे श्रीबेगसर बालाजी मन्दिर के स्वर्णजयंति महोत्सव के चौथे दिन प्रवचन कर रहे थे। उन्होनें कहा कि शबरी के जीवन से भक्ति को जाना जा सकता है। रामचरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास ने नवधा भक्ति के बारे में सुन्दर वर्णन किया है। निवृत्तिनाथ महाराज ने कहा कि भगवान कभी भी जाति-पांति, ऊंच-नीच एवं अमीर-गरीब का भेद नहीं करते। भगवान तो भक्तों के प्रेम एवं श्रद्घा के वशीभूत रहते है। उन्होनें कहा कि ईश्वर का दर्शन चर्म चक्षुओं से संभव नहीं है। इसके लिए अंतरात्मा के अनुभव की आवश्यकता है। जो मनुष्य व्यर्थ की ऊहापोह में समय व्यतीत कर देता है वह समय पुन: लौटकर नहीं आ सकता तथा उसका आध्यात्मिक रूप से कोई फायदा नहीं मिल सकता। जबकि उस समय को मनुष्य सद्ïचिंतन एवं स्वाध्याय में लगाया है वह ब्याज सहित लौटाने वाली बैंक में जमा हो जाता है। इस मौके पर बल्डाधाम के महंत सीतारामदास महाराज ने मन्दिर पहुंचकर बेगसरबालाजी के दर्शन किए। महाराज ने सबके कल्याण की कामना करते हुए भजनों का आनन्द लिया।
प्रभात फेरी में गूंजे जयकारे
इससे पूर्व शुक्रवार सुबह प्रभात फेरी निकाली गई। जिसके तहत श्रद्धालुओं ने सुबह छह बजे मन्दिर से रामनाम धुन एवं हरिकीर्तन और जयकारे  लगाते हुए ग्राम के रघुनाथजी के मन्दिर, माताजी के थान होते हुए केशरिया कंवरजी और रामदेवजी के मन्दिर तथा गौशाला होते हुए वापस प्राचीन बेगसरबालाजी मन्दिर पहुंचे। जहां पर हनुमान चालीसा का पाठ कर प्रभात फेरी पूर्ण की गई। 
रूद्री के मंत्रों के साथ भोले का अभिषेक
श्रीबेगसरबालाजी मन्दिर: रूद्राभिषेक कार्यक्रम के तहत पूजा अर्चना करते श्रद्धालु।
स्वर्णजयंति कार्यक्रमों की शृंखला में शुक्रंवार सुबह मन्दिर परिसर में रूद्रभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुजानगढ़ चुरू से आए पण्डितों ने पं. बृजमोहन शर्मा के सानिध्य में रूद्री के मंत्रों का सस्वर उच्चारण करते हुए आशुतोष का अभिषेक करवाया। 






श्रीबेगसरबालाजी मन्दिर स्वर्णजयंति महोत्सव पहुंचे महंत सीतारामदास महाराज को स्मृतिचिह्न भेंट करते आयोजक।







Thursday, January 5, 2012

श्रीबेगसरबालाजी स्वर्णजयंति महोत्सव : तृतीय दिवस

जीवन प्रबन्धन में सहायक है हनुमान का चरित्र 


* सुन्दरकाण्ड पर व्याख्यान में पं. मेहता ने बताए सफलता के सूत्र
* यज्ञ में आहूतियां देकर की सुख समृद्धि की कामना
* बेगसरबालाजी मन्दिर का स्वर्णजयंति महोत्सव
* सजी भक्ति संध्या



जीवन प्रबन्धन सूत्र के प्रणेता पं. विजयशंकर मेहता ने कहा कि भौतिक जीवन में यदि योग साधा जाए तो हम संसार और संसार बनाने वाले दोनों का आनंद ले पाएंगे। योग का श्रेष्ठ परिणाम हमारे जीवन में ध्यान घट जाना है। हनुमान चालीसा के माध्यम से ध्यान करने पर जीवन अलग ही दिव्य रूप ले लेता है। वे श्रीबेगसर बालाजी मन्दिर के स्वर्णजयंति महोत्सव में गुरूवार को हनुमानचालीसा से जीवन प्रबन्धन के सूत्र विषय पर व्याख्यान दे रहे थे। 
उन्होनें कहा कि मनुष्य किसी भी क्षेत्र का हो उसे तीन मार्ग चलकर अपना लक्ष्य प्राप्त करना है और वे है ज्ञान, कर्म और उपासना। आज के समय में हर कार्य को शॉर्ट, क्विक और परफेक्ट होकर करने करने की उम्मीद की जाती है। गोस्वामी तुलसीदासजी ने हनुमानचालीसा नामक ऐसा ही संक्षिप्त साहित्य लिखा है जिसका पाठ ३ से ५ मिनट में पूरा हो जाता है। पं. मेहता ने बताया कि हनुमानजी जीवनप्रबन्धन के गुरू है। जीवन के हर क्षेत्र में स्थितियों, समस्याओं से कैसे निपटा जाए, यह उनका चरित्र हमें सिखाता है। वे परमभक्त है, हम जब उन्हें अपने जीवन में उतारते है तो हम भी भक्त होने लगते है। 
आहूतियां देकर की सुख समृद्धि की कामना
इससे पूर्व गुरूवार सुबह मन्दिर परिसर में आयोजित हनुमद्-गायत्री यज्ञ की पूर्णाहूति की गई। गायत्री परिवार की ओर से आयोजित यज्ञ में श्रद्धालुओं ने सुख समृद्धि और विश्वकल्याण के निमित्त आहूतियां दी। यज्ञाचार्य साहिबसिंह वर्मा ने गायत्री, हनुमान, महामृत्युंजय मंत्रों के उच्चारण के साथ यज्ञ की व्याख्या करते हुए इसे जीवन में उतारने का संदेश दिया। 
गूंजी सुन्दरकांड की चौपाईयां
स्वर्णजयंति कार्यक्रमों की शृंखला में गत रात्रि संगीतमय सुन्दरकाण्ड पाठ एवं भक्तिसंध्या का आयोजन किया गया। जिसमें डीडवाना से आई कु. आरती एवं शीतल ने संगीत की स्वरलहरियों के साथ सुन्दरकाण्ड की चौपाईयों का सस्वर पठन किया। उन्होनें इस मौके पर हनुमान, कृष्ण और मां दुर्गा को समर्पित भजनों की प्रस्तुतियां भी दी। 
आज के कार्यक्रम
स्वर्णजयंति महोत्सव के चौथे दिन शुक्रवार को सुबह ६ बजे प्रभात फेरी के बाद १० बजे से भोलेनाथ का रूद्राभिषेक कार्यक्रम होगा। दोपहर ४ बजे से आयोजित विचार सत्र में निवृत्तिनाथ महाराज का प्रवचन होगा। जबकि सायं ७ बजे से भक्ति-संध्या होगी।





















Wednesday, January 4, 2012

श्रीबेगसरबालाजी स्वर्णजयंति महोत्सव : द्वितीय दिवस

*सुन्दरकाण्ड पर व्याख्यान में पं. मेहता ने बताए सफलता के सूत्र
*यज्ञ में आहूतियां देकर की सुख समृद्धि की कामना
*बेगसरबालाजी मन्दिर का स्वर्णजयंति महोत्सव

*सजी भक्ति संध्या
जीवन प्रबन्धन सूत्र के प्रणेता पं. विजयशंकर मेहता ने कहा कि यह सफलता प्राप्त करने का समय है। सफलता केवल व्यवसाय अथवा दुनियादारी में ही नहीं वरन् गृहस्थी में, विद्यार्थी के रूप में और महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए अर्जित करनी है। वे बेगसरबालाजी मन्दिर के स्वर्णजयंति महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को सुन्दरकाण्ड पर व्याख्यान दे रहे थे।  उन्होनें कहा कि हनुमानजी से सीखा जाए कि सबसे पहले सक्रियता, उसके बाद सजगता, फिर संघर्ष और समर्पण व संवेदनशीलता। जब इनका मणिकांचन योग जीवन में होता है तब सफलता सुनिश्चित और स्थाई होती है। पं. मेहता ने अपने प्रवचन में कहा कि हनुमानजी के चरित्र को जानने के लिए सुंदरकाण्ड सबसे अच्छा साहित्य है। सुन्दरकांड व्यक्तित्व विकास की पूरी पाठशाला है। आंजनेय हनुमान जीवन प्रबन्धन के प्रथम गुरू है। इसलिए सुन्दरकाण्ड की प्रत्येक चौपाई में सफलता के सूत्र समाहित है। उन्होनें बताया कि हनुमानजी का पूरा पराक्रम यह बताता हँ कि जीवन में हमें पुरूषार्थ करते हुए अपने लक्ष्य कैसे प्राप्त करना है। युवा वर्ग अपनी पीढ़ी का सम्मान करते हुए पूरे जोश के साथ लक्ष्य को प्राप्त कैसे करें यह भी सुंदरकाण्ड से जाना जा सकता है।
हनुमत् गायत्री यज्ञ में आहूतियां देते श्रद्धालु

आहूतियां देकर की सुख समृद्धि की कामना
इससे पूर्व बुधवार सुबह मन्दिर परिसर में हनुमद्-गायत्री यज्ञ आयोजित किया गया। गायत्री परिवार की ओर से आयोजित यज्ञ में श्रद्धालुओं ने सुख समृद्धि और विश्वकल्याण के निमित्त आहूतियां दी। यज्ञाचार्य साहिबसिंह वर्मा ने गायत्री, हनुमान और यज्ञ की व्याख्या करते हुए इसे जीवन में उतारने का संदेश दिया। सायं संगीतमय सुन्दरकाण्ड का पाठ किया गया।
‘मंगलमूरति मारूतिनंदन...’
स्वर्णजयंति कार्यक्रमों की शृंखला में मंगलवार रात्रि विरासत दी हेरिटैज की ओर से भक्ति संगीत का आयोजन किया गया। विरासत के कलाकार दिलीप खां ने गणेशवंदना से संध्या का आगाज किया। उन्होनें राग मालकौंस में ‘बेगसरबालाजी महाराज पधारो भक्त सुधारण काज’ से बेगसरबालाजी की स्तुति की। गणपत दमामी ने ‘हे जगवन्दन, मारूतिनन्दन सुनलो मेरी पुकार’ और ‘मंगलमूरति मारूतिनंदन’ की प्रस्तुति दी। शास्त्रीय संगीत के गायक बाबू खान ने राग दरबारी में ‘’राखो अपने बिरद की लाज’ और राग भैरवी में ‘बाट चलत नहीं चुनरी रंग डारी श्याम’ पेश कर शास्त्रीय संगीत का रस घोल दिया।
आज के कार्यक्रम
स्वर्णजयंति महोत्सव के तीसरे दिन गुरूवार को सुबह ७ बजे योगसत्र में हनुमानचालीसा के साथ ध्यान का अभ्यास कराया जाएगा। मन्दिर में ९ बजे से गायत्री परिवार द्वारा आयोजित हनुमत गायत्री यज्ञ की पूर्णाहूति होगी। मध्याह्न १ से ४ बजे तक पं. मेहता द्वारा हनुमान चालीसा से जीवन प्रबन्धन के सूत्र विषयक व्याख्यान होगा। वहीं सायं ७ बजे से सामूहिक संगीतमय हनुमान चालीसरा पाठ किया जाएगा।

श्रीसालासर बालाजी मन्दिर में पं. विजयशंकरजी मेहता का अभिनन्दन करते पुजारी परिवार के सदस्य।

श्रीसालासर बालाजी मन्दिर के बाहर  पं. विजयशंकरजी मेहता।




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Tuesday, January 3, 2012

वीडियो अलबम ‘समर्पण’ और ‘परम्परा’ का विमोचन


श्रीबेगसरबालाजी भक्ति संगीत अलबम 
संगीत, साहित्य, धर्म, दर्शन और परम्पराओं को समर्पित विरासत दी हेरिटेज की ओर से श्रीबेगसर बालाजी को समर्पित वीडियो अलबम का मंगलवार को उज्जैन के जीवन प्रबन्धन गुरू विजयशंकर मेहता ने किया। 
 विरासत दी हेरिटेज द्वारा प्रस्तुत वीडियो अलबम का विमोचन करते पं. विजयशंकर मेहता।
उन्होनें कहा कि विरासत दी हेरिटेज का यह प्रयास नि:सन्देह मील का पत्थर साबित होगा। बेगसर बालाजी को समर्पित वीडियो अलबम के माध्यम से क्षेत्र के भजनकलाकारों की प्रतिभा तराशने के इस प्रयास पर पं. मेहता ने संस्था के सदस्यों को साधुवाद दिया। 
इससे पूर्व पं. मेहता, पूर्व सरपंच सुल्तानसिंह कुड़ली, पं. बृजमोहन शर्मा, विरासत के शेषनारायण जांगिड़ एवं विनोद गौड़ ने दो डीवीडी वीडियो अलबम समर्पण व परम्परा तथा एमपीथ्री अलबम विरासत का विमोचन किया। 
गौरतलब है कि समर्पण अलबम में श्रीबेगसरबालाजी को समर्पित हनुमान चालीसा, श्रीबेगसरबालाजी स्तुति आदि सहित  हनुमान भजन शामिल किए गए है। वहीं परम्परा नामक अलबम में श्रीराम, श्रीकृष्ण, हनुमान के भजनों के साथ गुरूवंदना पेश की जाएगी। इसी प्रकार ऑडियो अलबम में प्रदेश के जाने माने भजन गायक गणपत दमामी(पांचवा), बाबू खां(फुलेरा), दिलीप खान(जयपुर), कुंजबिहारी कावा (जसवंतगढ़), मूलचन्द जोधपुरी, सुन्दर शर्मा (गेलासर), महेश(मारोठ) एवं मास्टर चंचल आदि गाए भजन शामिल है। 

श्रीबेगसरबालाजी स्वर्णजयंति महोत्सव : प्रथम् दिवस


....जो समस्या का सामना करेगा वहीं समाधान तक पहुंचेगा
कलशयात्रा के साथ होगा पांच दिवसीय महोत्सव का शुभारम्भ, पं. मेहता का व्याख्यान

समस्याएं किसके जीपन में नहीं होती। हर एक किसी ना किसी संकट से गुजरता ही है। जो समस्या का सामना करेेगा वही समाधान तक पहुंचेगा। ये बात पं. विजयशंकर मेहता ने कही। 

जीवन प्रबन्धन सूत्र के प्रणेता पं. विजयशंकर मेहता मंगलवार को श्रीबेगसरबालाजी मन्दिर के स्वर्णजयंति महोत्सव के पहले दिन किष्किंधाकांड पर व्याख्यान दे रहे थे। मन्दिर में आयोजित महोत्सव के तहत हनुमद् त्रिवेणी कार्यक्रम में अपने प्रवचन में उन्होनें कहा कि किष्किंधाकांड में हर पात्र परेशान है। सभी ने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामाजिक तथा राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान यहीं खोजा है। उन्होनें बताया कि आज हम सब भी ऐसी समस्याओं से जूझ रहे है। बजरंगबली हनुमानजी ने अपनी जीवन शैली और निर्णयों से हमें मार्गदर्शन दिया है कि हर समस्या का समाधान रहता है और वह हमारे भीतर ही होता है। 

पं. मेहता ने अपने प्रवचन में कहा कि कोई धर्म या अध्यात्म यह नहीं कहता कि भौतिकजीवन नहीं जीया जाए। हनुमानजी अपने चरित्र से हमें बताते है कि खूब कमाएं, लेकिन हमारी कमाई में परमात्मा भी हो। खूब खर्च करें लेकिन समाज और राष्ट्र के लिए भी हिस्सा रखें।
कलशयात्रा में उमड़ी श्रद्धा
श्रीबेगसर इससे पूर्व मंगलवार सुबह आयोजित कलशयात्रा से स्वर्णजयंति महोत्सव का आगाज हुआ। ग्राम की श्रीगोपालकृष्ण गौशाला से शुरू हुई कलशयात्रा बेण्डबाजों की धूम के साथ ग्राम केे विभिन्न मार्गों से होकर मन्दिर पहुंची। जहां पर पूजा अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारम्भ किया गया।
आज के कार्यक्रम
स्वर्णजयंति महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को सुबह ७ बजे योगसत्र में हनुमानचालीसा के साथ ध्यान का अभ्यास कराया जाएगा। मन्दिर में ९ बजे से आयोजित गायत्री परिवार द्वारा हनुमत गायत्री यज्ञ में लोककल्याण के निमित्त आहूतियां दी जाएगी। मध्याह्न १ से ४ बजे तक पं. मेहता का सुन्दरकाण्ड से सफलता के सूत्र विषयक प्रवचन होगा। जबकि सायं ७ बजे से सामूहिक संगीतमय सुन्दरकाण्ड पाठ का आयोजन होगा।